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पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है कि आपका सारा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अपने नवजात शिशॠपर होगा। मगर, आप खà¥à¤¦ पर और अपने आहार पर à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। इसलिà¤, जरà¥à¤°à¥€ है कि आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ व सेहतमंद आहार लें।
जई का दलिया
जई (ओटà¥à¤¸) आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फाइबर, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के बेहतरीन सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। चूंकि जई में काफी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फाइबर होता है, वे कबà¥à¤œ को दूर रखने में à¤à¥€ मदद कर सकते हैं। ओटà¥à¤¸ खाने का सबसे आम तरीका है इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पकाकर दूध और मेवे डालकर खाना। आप इसकी पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ता बढ़ाने के लिठइसमें केले, सेब या आम जैसे फल à¤à¥€ काटकर डाल सकती हैं। नमकीन रूप में बनाने के लिठआप ओटà¥à¤¸ का उपमा या खिचड़ी à¤à¥€ बना सकती हैं। इसकी बहà¥à¤¤ सी जलà¥à¤¦à¥€ से पकने वाली वैरायटी उपलबà¥à¤§ हैं, जिनमें से आप चà¥à¤¨ सकती हैं।
हलà¥à¤¦à¥€
हलà¥à¤¦à¥€ में विटामिन बी6 और सी, फाइबर, पोटाशियम, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और मैंगनीज होता है। इस तरह, यह जरà¥à¤°à¥€ विटामिनों से à¤à¤°à¤ªà¥‚र है। यह न केवल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ पाक कला में à¤à¤• मानक सामगà¥à¤°à¥€ है, बलà¥à¤•ि इसका उपयोग बाहरी व आंतरिक घावों के उपचार में à¤à¥€ सदियों से किया जा रहा है। इस बात के कà¥à¤› पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ हैं, जो बताते हैं कि हलà¥à¤¦à¥€ जलन कम करने में मदद करती है। यह पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद होने वाले घावों और पेट की गड़बड़ी को ठीक करने में मदद कर सकती है, हालांकि, इस बात को साबित करने के लिठसीमित पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ हैं। आप à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ दूध में आधी छोटी चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ मिला सकती हैं।
सौंà¤
सौंठमें फाइबर, विटामिन बी6 और ई, आयरन, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटाशियम, सेलेनियम और मैंगनीज होता है। यह आसानी से मिलने वाली सामगà¥à¤°à¥€ है और जलन दूर करने समेत कई फायदे देती है। उतà¥à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सौंठके लडà¥à¤¡à¥‚ काफी आम हैं। दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सौंठसे चटनी बनाई जाती है। आप अपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में थोड़ा सा सौंठपाउडर डाल सकती हैं।
दाल-दलहन
दालें संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार का à¤à¤• जरà¥à¤°à¥€ हिसà¥à¤¸à¤¾ मानी जाती हैं। ये फाइबर, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन और मिनरल से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती हैंं दालें जैसे मूंग और मसूर आसानी से पच जाती हैं। आप इनका हलवा या खिचड़ी बना सकती हैं। दाल-दलहनों का à¤à¤• और फायदा यह à¤à¥€ है कि ये शरीर में चरà¥à¤¬à¥€ इकà¥à¤Ÿà¥à¤ ा होने से रोकती हैं।
अजवायन
पारंपरिक तौर पर यह माना जाता है कि अजवायन न केवल गैस और अपच के दरà¥à¤¦ से राहत देती है, मगर यह सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ाने और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ होने में मदद करती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में यह सà¥à¤¤à¤¨à¤¦à¥‚ध बढ़ाने के लिठजाना जाता है। इस बात को साबित करने के लिठअधिक पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ नहीं हैं, मगर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में और पशà¥à¤“ं पर किठगठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में अजवायन में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤², à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µ पाठगठहैं। आप परांठे से लेकर हलवे तक अजवायन के बहà¥à¤¤ से वà¥à¤¯à¤‚जन बना सकते हैं या फिर आप सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बढ़ाने के लिठअपने à¤à¥‹à¤œà¤¨ में इसे à¤à¤¸à¥‡ ही डाल सकते हैं। कई लोग रोजाना अजवायन का पानी à¤à¥€ लेते हैं।
मंडà¥à¤†/रागी
मंडà¥à¤† या रागी/नाचनी कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और आयरन का बेहतरीन सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ है। पà¥à¤°à¤¸à¤µ के बाद इन दोनों की ही आपको à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में चाहिठहोते हैं। यह आपको डिलीवरी के बाद फिर से ताकत पाने में मदद कर सकता है। जिन माà¤à¤“ं को दूध या डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, उनके लिठयह à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है। आप रागी से डोसा, इडली, रोटी और हलवा à¤à¥€ बना सकती हैं।
बादाम
बादाम में कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸, फाइबर, विटामिन बी12 व ई और कई खनिज जैसे कि मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, कॉपर, मैंगनीज, पोटाशियम, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और जिंक आदि होते हैं। चूंकि बादाम में इतने सारे पोषक ततà¥à¤µ होते हैं, इसलिठपà¥à¤°à¤¸à¤µ से उबरने के लिठयह à¤à¤• आदरà¥à¤¶ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है। बादाम बहà¥à¤¤ से वà¥à¤¯à¤‚जनों में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है, जैसे बादाम वाला दूध, शीरा, हलवा आदि। यदि आपका कà¥à¤› पकाने का मन न करे, तो आप इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤¨à¥ˆà¤• के तौर पर à¤à¥€ खा सकती हैं।
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ आयरन का बेहतरीन सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ होती हैं, जिसकी जरà¥à¤°à¤¤ आपको फिर से ताकत पाने के लिठहोती है। आप पालक, फà¥à¤°à¤¾à¤‚स बीन, कमल ककड़ी, मेथी, टिंडा, परवल और à¤à¤¸à¥€ अनà¥à¤¯ मौसमी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खा सकती हैं।
मेथी
मेथी दाना आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिन और मिनरलà¥à¤¸ के अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आमतौर पर पीठऔर जोड़ों के दरà¥à¤¦ से बचाने के लिठजाना जाता है, हालांकि इस बात को साबित करने के लिठबहà¥à¤¤ कम पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ हैं। आप इनका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² दाल, सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, पूरी या मीट पकाने के दौरान कर सकती हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाली माà¤à¤“ं के लिठमेथी की चाय à¤à¤• लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ पेय है।
काले और सफेद तिल
ये छोटे, समतल बीज कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, आयरन, कॉपर, मैगनीशियम और फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ से समृदà¥à¤§ होते हैं। इन सà¤à¥€ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के साथ तिल शरीर को जरà¥à¤°à¥€ खनिज पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं। ये मल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को नियमित करने में à¤à¥€ फायदेमंद माने जाते हैं। उतà¥à¤¤à¤°à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में तिल के लडà¥à¤¡à¥‚ बहà¥à¤¤ लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं, मगर तिल से कई अनà¥à¤¯ मीठे वà¥à¤¯à¤‚जन बनते हैं जैसे कि तिल पटà¥à¤Ÿà¥€, रेवड़ी और चिकà¥à¤•ी।
हलà¥â€à¤¦à¥€ का दूध और घी
नई मांओं खासतौर पर सà¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने वाली महिलाओं को अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की जरूरत होती है। डिलीवरी के बाद à¤à¤• गिलास दूध में आधा चमà¥â€à¤®à¤š हलà¥â€à¤¦à¥€ डालकर पिà¤à¤‚। हलà¥â€à¤¦à¥€ à¤à¤‚टी इंफलामेटà¥à¤°à¥€ होती है और शरीर के घावों को à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद करती है जबकि दूध कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है।
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